28 अगस्त 2025 को सोने की कीमतों में कुछ स्थिरता देखी गई, जिसका असर खासतौर पर पिछले चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद खरीदारों और निवेशकों में राहत लाया। 22 कैरटे सोना ₹92,900 प्रति 10 ग्राम की दर पर स्थिर रहा, जबकि 24 कैरटे की कीमत ₹1,01,350 प्रति 10 ग्राम पर टिक गई।
इसके ठीक पहले, अगस्त के बीच 24 कैरट सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई—100 ग्राम में लगभग ₹18,000 की कमी, और 10 ग्राम पर बहुत बड़ी गिरावट रही।
28 अगस्त को वैश्विक मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी डेटा में अपेक्षानुसार कमजोर संकेतों ने सोने की खरीदारी की डिमांड को प्रभावित किया। 22 कैरट सोना ₹9,290/ग्राम, 24 कैरट ₹10,135/ग्राम, और 18 कैरट ₹7,610/ग्राम पर आ गया।
गिरावट के प्रमुख कारण
- वैश्विक आर्थिक संकेत
अमेरिका से मिलने वाले नए आर्थिक डेटा—जैसे PPI (Producer Price Index) तथा रोजगार संबंधी आंकड़े—से यह संकेत मिला कि डॉलर अब मजबूत हो रहा है और ब्याज दरें अगले कुछ समय तक स्थिर रह सकती हैं। इससे सोने का आकर्षण सुरक्षित निवेश के रूप में कम हुआ। - टैरिफ अस्पष्टता में कमी
कुछ समय पहले अमेरिका राष्ट्रपति के बयान से यह आशंका थी कि सोने पर आयात शुल्क लागू हो सकते हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय कीमतों को बढ़ावा दिया था। लेकिन बाद में स्पष्टता आई कि सोने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा—जिससे बाजार में राहत और कीमतों में गिरावट हुई। - मौद्रिक नीति और केंद्रीय बैंक की रणनीति
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल तक अपने स्वर्ण भंडार में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की, जो यह संकेत हो सकता है कि वे आने वाले समय में कीमतों में और गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं। - मौद्रिक नुकसान या भू-राजनीतिक अस्थिरता का प्रभाव
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता कम होने लगी है, जिस कारण सोने की “सुरक्षा संपत्ति” की भूमिका थोड़ी कमजोर हुई है। साथ ही डॉलर में मजबूती और विदेशी मांग में नरमी ने भी भावों को नीचे लाया।
उपभोक्ताओं और खरीदारों को लाभ: त्योहारों—जैसे कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी—के करीब यह गिरावट कई खरीदारों के लिए सुनहरा अवसर हो सकता है।
ज्वेलर्स के लिए चुनौतियाँ और अवसर: मुनाफा कम हुआ है, लेकिन गिरते भावों ने खरीदारी में रुचि बढ़ाने और स्टॉक क्लियरेंस के अवसर दिए हैं।